
*मोटापे से राहत हेतु उपाय*
🤔 *क्या करें* ❓
🕚 *नियमित समय पर भोजन*
✅ 🍱 *भोजन नियमित समय पर (सुबह ९ से ११ तथा शाम को ५ से ७ बजे के बीच), सीमित मात्रा में, पचने में हलका व रुक्ष करें।* सलाद व सब्जियों का उपयोग अधिक करें। गेहूँ का उपयोग कम करें, जौ, ज्वार या बाजरे की रोटी लें ।
✅ 🤸♂️ *प्राणायाम और शरीरिक कसरत*
🧘♂️ *प्राणायाम, आसन, तेजी से चलना या दौड़ना, तैरना आदि व शारीरिक श्रम नियमित करें।* सप्ताह में एक दिन उपवास जरूर करें।
✅ 🤔 बिस्तर कैसा होना चाहिए❓
🛌 *तखत पर पतला बिस्तर बिछाकर सोना, तिल या सरसों के तेल से* मालिश करना व सामान्यतया लम्बे-गहरे श्वास लेना लाभकारी हैं ।
✅ 🌞 *प्रातःकाल पानी प्रयोग*
🍶 *प्रातःकाल गुनगुने पानी में शहद तथा नींबू 🍋 का रस मिलाकर लें । गर्म-गर्म* अन्न, गर्म पानी तथा चावल के माँड़ का सेवन करें।
✅ 🍯 *शहद, आँवला चूर्ण, गोमूत्र अर्क, त्रिफला चूर्ण, शुद्ध शिलाजीत** तथा सोंठ आदि का सेवन हितकारी है।
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❌ *क्या न करें* ❓
🥘 *भारी भोजन*
❌ *पचने में भारी, मधुर व शीतल आहार का सेवन, अधिक मात्रा में भोजन व निद्रा तथा व्यायाम व* परिश्रम का अभाव आदि कारणों से शरीर स्थूल होता है। अतः इनसे बचें।
😴 *अधिक सोना*
❌ *दिन में सोना, लगातार बैठे रहना, देर रात को भोजन करना, भोजन में* नमक का अधिक प्रयोग, गद्दों पर तथा ए.सी. या कूलर की हवा में सोना, आरामप्रियता आदि का त्याग करें।
🍱 *खान पान का ध्यान*
❌ *कार्बोहाइड्रेट की अधिकतावाले पदार्थ जैसे चावल, शक्कर, गुड़, आलू, शकरकंद व इनसे बने हुए* व्यंजन तथा स्निग्ध पदार्थ जैसे- घी, तेल व इनसे बने हुए पदार्थ एवं दही, दूध से बने खोया (मावा), मिठाई आदि व्यंजन और सूखे मेवे व फास्ट फूड के सेवन से बचें।
❌ *अधिक तनाव भी अति स्थूलता का कारण हो सकता है अतः इससे* बचें। इसके लिए सत्संग, ध्यान आदि का आश्रय लें ।
❌ *बार-बार खाने तथा भोजन के* बाद तुरंत नींद लेने या स्नान करने से बचें। (अति भुखमरी भी न करें।)
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*पित्त-संबंधी समस्या*
♨️ 👉 *जिनको पित्तवृद्धि की तकलीफ है वे अगर थोड़ी भी भुखमरी करें तो उनके मणिपुर 😴 केन्द्र में क्षोभ पैदा होता है और पित्त बढ़ता है।*
♨️ 👉 *स्वभाव में क्रोध, आँखों में जलन आदि समस्याएँ उनको घेर लेती हैं।* ऐसे लोग पित्त-शमन के लिए घी व मिश्री मिश्रित भोजन लें व बेल या व ताड़ का फल खाकर पानी पियें।
♨️ 👉 *पित्तजन्य व्याधियाँ मिटाने के लिए २ चम्मच पिसा हुआ धनिया और थोड़ी* मिश्री ठंडे पानी में घोलकर पीने से कितना भी बढ़ा हुआ
पित्त हो, उसका शमन हो जायेगा ।
♨️ 👉 *२-३ ग्राम तिल का चूर्ण और मिश्री मिलाकर चबा-चबा के खायें।* तिल पचने में भारी होते हैं लेकिन पित्तवाले के लिए तिल और मिश्री का मिश्रण चबा के खाना पित्तशामक होता है ।
♨️ 👉 *पित्त के कारण सिर में दर्द हो तो गाय के शुद्ध घी को गुनगुना करके* नस्य लें। इससे के पित्त-शमन होता है, सिरदर्द गायब हो जायेगा ।
♨️ 👉 *दही खट्टा न हो और उसमें थोड़ी-सी मिश्री मिली हो तो वह भी पित्तशमन करेगा ।*
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