
कालीचरण महाराज पर शिकंजा: धर्म संसद से लेकर गिरफ्तारी तक…
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित धर्मसंसद में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को अपशब्द कहने वाले कालीचरण महाराज को आज सुबह चार बजे रायपुर पुलिस ने मध्यप्रदेश के खजुराहो से गिरफ्तार कर लिया। कालीचरण को खजुराहो से 25 किमी दूर बागेश्वर धाम के पास किराए के मकान से गिरफ्तार किया गया। आइए एक टाइमलाइन के माध्यम से बताते हैं आखिर इन चार दिनों में क्या सब हुआ। कैसे बाबा की गिरफ्तारी हुई?…
कालीचरण महाराज उस समय चर्चा में आए जब उन्होंने छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित धर्मसंसद में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के खिलाफ कई अपशब्दों का प्रयोग करते हुए नाथूराम गोडसे द्वारा बापू की हत्या को सही ठहरा दिया। इसके बाद देश भर में इसकी गिरफ्तारी की मांग हुई, रविवार देर रात को रायपुर के टिकरापारा थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 505 (2) (वर्गों के बीच शत्रुता, घृणा या द्वेष पैदा करने वाले बयान देना) और 294 के तहत मामला दर्ज किया गया। मामला दर्ज होने के बाद फिर उसने एक वीडियो जारी कर कहा कि हम माफी नहीं मांगेंगे। इसके बाद पुलिस की बढ़ती दबिश को देखते हुए वह बुधवार को छत्तीसगढ़ से फरार हो गया। इसके बाद महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ की पुलिस ने तलाशी अभियान और तेज कर दी। लेकिन काफी मशक्कत के बाद गुरुवार सुबह मध्यप्रदेश के खजुराहो से 25 किमी दूर बागेश्वर धाम के पास किराए के मकान से उसे गिरफ्तार कर लिया।
मुझे फांसी भी दे दो तो बयान वापस नहीं लूंगा: कालीचरण
मुकदमा दर्ज होने के बाद कालीचरण ने वीडियो जारी कर कहा था कि ऐसी एफआईआर से कोई फर्क नहीं पड़ता है। मैं गांधी का विरोधी हूं और गांधी से नफरत करता हूं। इसके लिए अगर फांसी की सजा भी सुनाई जाएगी तो स्वीकार है।
कालीचरण ने रायपुर की धर्मसंसद में कहे थे महात्मा गांधी को अपशब्द
इससे पहले छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में धर्मगुरु कालीचरण महाराज ने महात्मा गांधी के बारे में अपमानजनक शब्द कहते हुए कहा कि नाथूराम गोडसे ने बापू की हत्या कर सही कदम उठाया था। कालीचरण दास ने कहा कि इस्लाम का लक्ष्य राजनीति के माध्यम से राष्ट्र पर कब्जा करना है। हमारी आंखों के सामने उन्होंने 1947 में कब्जा कर लिया था। उन्होंने पहले ईरान, इराक और अफगानिस्तान पर कब्जा कर लिया था। उन्होंने राजनीति के माध्यम से बांग्लादेश और पाकिस्तान पर कब्जा कर लिया था। मैं नाथूराम गोडसे को सलाम करता हूं कि उन्होंने गांधी की हत्या कर दी… इसके बाद लोगों ने तालियां भी बजाईं।
इसके अलावा कालीचरण महाराज ने कहा था कि हमारा मुख्य कर्तव्य क्या है- धर्म की रक्षा करना। हमें सरकार में एक कट्टर हिंदू राजा (नेता) का चुनाव करना चाहिए, भले ही कोई भी हो। इसके आगे बोलते हुए कहा कि “हमारे घरों की महिलाएं बहुत अच्छी और सभ्य हैं और वे मतदान के लिए नहीं जाती हैं। जब सामूहिक दुष्कर्म होंगे तो आपके घर की महिलाओं का क्या होगा। महामूर्खों… मैं उन लोगों को बुला रहा हूं जो वोट देने के लिए बाहर नहीं जाते हैं।”
पुणे और ठाणे में भी मामला दर्ज
पुणे सिटी पुलिस ने 19 दिसंबर को पुणे में समस्त हिंदू अघाड़ी द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कथित रूप से विशेष समुदाय के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने के आरोप में कालीचरण महाराज, मिलिंद एकबोटे, नंदकिशोर एकबोटे और तीन अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया था। वहीं, महाराष्ट्र के मंत्री जितेंद्र आव्हाड ने भी महात्मा गांधी को अपशब्द कहने, नाथूराम गोडसे का समर्थन करने और अतीत में अभद्र भाषा देने के लिए कालीचरण महाराज के खिलाफ ठाणे के नौपाड़ा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। कालीचरण के खिलाफ आईपीसी की धारा 294, 295, 506 और 34 के तहत शिकायत दर्ज कराई


